बिहार में पीएम सूर्य घर योजना का विस्तृत समीक्षा अभियान
Comprehensive Review Campaign for the PM Surya Ghar
पटना। Comprehensive Review Campaign for the PM Surya Ghar, राज्य में पीएम सूर्य घर योजना (प्रधानमंत्री सौर घर योजना) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में जिलों के डीएम और एसपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शामिल हुए। इनके अलावा ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह और जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) हिमांशु समेत प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि प्रदेश के हर जिले में एक माॅडल सौर गांव विकसित किया जाएगा, जिसे एक करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिलेगी।
जिलास्तर पर लगेगा विशेष शिविर
योजना की वर्तमान स्थिति, कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के कवरेज, बैंक ऋण प्रक्रिया और आदर्श सौर गांव के निर्माण जैसे मुद्दों पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि योजना के तहत ऋण लेने में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए जिला स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएं।
बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 तक राज्य में 4.82 लाख घरों में रूफटाप सोलर लगाने का लक्ष्य है। इसके तहत एक किलोवाट पर 30 हजार, 2 किलोवाट पर 60 हजार और तीन किलोवाट या उससे अधिक पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक की केंद्रीय सब्सिडी दी जा रही है।
साथ ही छह प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है। मुख्य सचिव ने बैंकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि छोटे प्लांट के गैर-जरूरी दस्तावेज नहीं मांगे जाएं।
सभी बैंक भारतीय बैंक, संघ के निर्धारित मानकों का पालन करें और इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त करें। योजना के तहत बिजली कंपनी आधारित समन्वय माडल के माध्यम से अगले चार वर्षों में 58 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को जोड़ने का लक्ष्य है
मार्च 2027 तक का लक्ष्य
वहीं हर जिले में एक माॅडल सौर गांव विकसित किया जाएगा, जिसे एक करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिलेगी। योजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे योग्य गांवों का चयन जल्द पूरा करें और प्रतियोगिता अवधि शुरू कराएं। योजना की निगरानी और गति बढ़ाने के लिए तत्काल नोडल अधिकारियों का नामांकन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि अक्टूबर 2026 तक 2.5 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का प्रस्ताव स्वीकृत है। कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के आवेदन प्रक्रिया से जोड़ने के लिए जीविका दीदियों की मदद ली जाएगी।
योजना के पहले चरण में प्रत्येक प्रखंड की पांच पंचायतों का चयन किया जाएगा, ताकि पूर्ण आच्छादन के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सके।